चंपारण का चमकता सितारा – अभिजीत यादव

पूर्वी चंपारण हमेशा से खेल प्रतिभाओं की जन्मस्थली रही है। इसी धरती पर जन्मे अभिजीत यादव ने अपनी मेहनत और लगन से क्रिकेट जगत में अपनी एक खास पहचान बनाई है। बोकाने गांव के निवासी अभिजीत का जन्म 17 अप्रैल 2002 को हुआ। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट का जुनून था और उन्होंने साल 2010 से अपने गांव में खेलना शुरू किया। समय के साथ यह शौक जुनून और फिर करियर का सपना बन गया।
अभिजीत बतौर ओपनिंग बल्लेबाज़ मैदान पर उतरते हैं और अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से दर्शकों को रोमांचित कर देते हैं। उनकी सबसे बड़ी पारी उस समय आई जब उन्होंने नारायणपुर के खिलाफ फाइनल मैच में नॉट आउट 108 रन बनाए। वहीं गेंदबाज़ी में भी वे पीछे नहीं रहते। उनका सबसे यादगार बॉलिंग प्रदर्शन बाराशंकर फाइनल मैच में रहा, जहाँ उन्होंने महज़ 5 रन देकर 5 विकेट झटके। यह आंकड़ा उनके ऑलराउंड प्रदर्शन को और मजबूत बनाता है।
अब तक अभिजीत 150 से अधिक टूर्नामेंट्स खेल चुके हैं और इस दौरान उन्होंने 20 से ज्यादा शतक जड़े और लगभग 250 विकेट अपने नाम किए। उनकी उपलब्धियाँ किसी पेशेवर खिलाड़ी से कम नहीं हैं। खासकर फेनहारा नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल उनके करियर का सबसे यादगार मैच रहा, जिसने उन्हें स्थानीय क्रिकेट जगत में खास पहचान दिलाई।
खेल शैली की बात करें तो अभिजीत मैदान पर सिक्सेस लगाने में माहिर हैं। उनकी बल्लेबाज़ी का अंदाज़ दर्शकों को खूब पसंद आता है। गेंदबाज़ी में वे मीडियम पेस से विपक्षी बल्लेबाज़ों को चौंकाने का हुनर रखते हैं। यही कारण है कि टीम में उनकी भूमिका बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ दोनों ही रूपों में बेहद अहम रहती है।
अभिजीत के लिए प्रेरणा हैं महेंद्र सिंह धोनी। वे मानते हैं कि धोनी से उन्होंने संयम, कप्तानी और खेल के प्रति समर्पण की सीख ली है। यही वजह है कि उनकी पसंदीदा टीम भी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) है। परिवार का उन्हें हमेशा भरपूर समर्थन मिला है, जिसने उनके हौसले को मजबूत बनाया।
क्रिकेट के अलावा अभिजीत का झुकाव राजनीति की ओर भी है। उनका सपना है कि राजनीति में कदम रखकर वे समाज की सेवा करें और लोगों की परेशानियों को दूर करने का प्रयास करें। उनका कहना है कि – “जितना मुझसे हो सकेगा, मैं उतना समाज कल्याण के लिए करूंगा।”
आने वाले समय में अभिजीत कई बड़े टूर्नामेंट्स जैसे BSL, मधुबन प्रीमियर लीग और बलदेव प्रसाद क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले हैं। इन प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन देखने लायक होगा।

कुल मिलाकर, यह कहना गलत नहीं होगा कि अभिजीत यादव पूर्वी चंपारण का उभरता सितारा हैं। उनकी मेहनत और संघर्ष न सिर्फ उन्हें आगे बढ़ा रहे हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा दे रहे हैं। क्रिकेट के मैदान से लेकर समाज सेवा तक, अभिजीत का सपना बड़ा है और उनके हौसले बुलंद।
अभिजीत यादव – नाम ही काफी है, चंपारण को गौरवान्वित करने के लिए।
