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ढाका का धाकड़ क्रिकेटर: 35 गेंदों पर 179 रन बनाने वाले अब्दुल कादिर का जलवा

ढाका का धाकड़ क्रिकेटर – अब्दुल कादिर की कहानी

पूर्वी चंपारण की धरती ने हमेशा से क्रिकेट प्रेमियों और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जन्म दिया है। इन्हीं में से एक नाम है अब्दुल कादिर का, जिनका क्रिकेट सफर गांव-गांव की गलियों से होते हुए अब बड़े मंच तक पहुंचने का सपना देख रहा है। 1 जनवरी 1999 को धाका (East Champaran) में जन्मे अब्दुल कादिर ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत साल 2016 में जोरियाही (बैरगनिया) से की थी। शुरू से ही उनके खेल में तेज़ी और जुनून साफ झलकता था।

अब्दुल कादिर की पहचान एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में है, जो बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों ही क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन करते हैं। उनकी पसंदीदा बल्लेबाज़ी पोजीशन मिडिल ऑर्डर है, जहाँ से वे टीम को मज़बूत शुरुआत या फिर तेज़ रफ्तार फिनिश देने में माहिर हैं। उनका सबसे यादगार बल्लेबाज़ी प्रदर्शन उस वक्त सामने आया जब उन्होंने महज़ 35 गेंदों पर 179 रन बना डाले। इतनी विस्फोटक पारी किसी भी खिलाड़ी के करियर में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

गेंदबाज़ी में भी अब्दुल का जलवा किसी से कम नहीं है। वे एक तेज़ गेंदबाज़ के रूप में जाने जाते हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4 ओवर में 13 रन देकर 6 विकेट लेने का रहा है। यह आंकड़ा बताता है कि वे सिर्फ बल्ले से ही नहीं, बल्कि गेंद से भी विपक्षी टीम के लिए खतरा साबित होते हैं।

अब तक अब्दुल 100 से ज्यादा टूर्नामेंट्स खेल चुके हैं और लगभग हर टूर्नामेंट में अपने दमदार प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीता है। उनका सबसे यादगार मैच रहा पिपरा (ढाका) में खेला गया मुकाबला, जिसमें उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों से कमाल दिखाया।

खासियत की बात करें तो अब्दुल कादिर को एक हार्ड हिटिंग बल्लेबाज़ और तेज़ गेंदबाज़ के रूप में पहचाना जाता है। वे मैदान पर आते ही गेंदबाज़ों पर हावी हो जाते हैं और लंबे-लंबे सिक्सेस लगाने में माहिर हैं। यही वजह है कि दर्शक उनकी बल्लेबाज़ी का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं।

अब्दुल के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा उनके मामा रहे हैं, जिनसे उन्होंने खेल की बारीकियाँ सीखीं और मैदान पर धैर्य बनाए रखने का हुनर पाया। उनकी फेवरेट टीम है Boss XI, जिसके साथ उन्होंने कई यादगार मुकाबले खेले हैं।

अब्दुल को परिवार का भी भरपूर समर्थन मिला है। उनका कहना है कि अगर परिवार का साथ शुरू से न मिलता, तो शायद वे क्रिकेट में इतना आगे नहीं बढ़ पाते। क्रिकेट के अलावा उनकी कोई खास रुचि नहीं है क्योंकि उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट पर केंद्रित है।

भविष्य की बात करें तो अब्दुल आने वाले कई टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेने वाले हैं और उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। हालांकि उन्होंने अब तक कोई बड़ी उपलब्धि दर्ज नहीं करवाई है और न ही अपना सपना साझा किया है, लेकिन उनके आंकड़े और प्रदर्शन यह साफ कहते हैं कि आने वाले समय में वे और भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।

कुल मिलाकर कहा जाए तो अब्दुल कादिर ढाका का धाकड़ खिलाड़ी हैं, जिनकी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों ही विपक्षी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होती है। उनकी मेहनत और समर्पण उन्हें आने वाले समय में और भी बड़ी ऊँचाइयों तक ले जा सकती है।

अब्दुल कादिर – धाकड़ बल्लेबाज़, धाकड़ गेंदबाज़, धाकड़ खिलाड़ी।

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