जाहिद परवेज़ : पूर्वी चंपारण से दिल्ली तक, हेलीकॉप्टर शॉट से बना क्रिकेट का सितारा

रामगढ़वा प्रखंड के भेरिहरवा गाँव के रहने वाले जाहिद परवेज़ ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 13 मार्च 1997 को जन्मे इस युवा ने बचपन से ही बल्ले और गेंद दोनों में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। मात्र 2003 में मेरठ से अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले जाहिद ने आज तक अनगिनत टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है और हर बार अपने खेल से दर्शकों को रोमांचित किया है।
जाहिद की बल्लेबाज़ी की सबसे बड़ी झलक उस वक्त देखने को मिली, जब उन्होंने दिल्ली में एक मैच में केवल 185 रनों की विस्फोटक पारी खेल डाली। इस पारी में उन्होंने 25 छक्के लगाए थे, जो आज भी लोगों की ज़ुबान पर है। मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करने वाले जाहिद अपनी आक्रामक बैटिंग और मैच फिनिश करने की काबिलियत के लिए जाने जाते हैं। उनका कहना है कि “फंसे हुए मैच जिताना ही मेरी खासियत है।”
गेंदबाज़ी में भी जाहिद किसी से कम नहीं। उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 4 ओवर में 7 विकेट और सिर्फ 10 रन देना रहा है। इस प्रदर्शन ने उन्हें न सिर्फ़ टीम का हीरो बनाया बल्कि क्रिकेटप्रेमियों के बीच एक चर्चित नाम भी।
जाहिद के क्रिकेट करियर की उपलब्धियों की सूची काफी लंबी है। लखीमपुर खीरी लखनऊ टूर्नामेंट में उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब मिला। वहीं दिल्ली की ओखला क्रिकेट एसोसिएशन में उन्होंने सिर्फ़ 21 पारियों में 1000 रन पूरे करके सबसे तेज़ रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनकी यह उपलब्धि उन्हें युवा खिलाड़ियों के बीच प्रेरणा का स्त्रोत बनाती है।
उनके आदर्श कभी युवराज सिंह रहे हैं और शायद यही वजह है कि उनके खेल में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ झलकता है। जाहिद की पसंदीदा टीम इंडिया है, लेकिन लीग क्रिकेट की बात करें तो वे आरसीबी के फैन हैं।
परिवार से उन्हें क्रिकेट खेलने में ज़्यादा सहयोग नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद जाहिद ने अपने जुनून और कड़ी मेहनत से खुद को साबित किया। क्रिकेट के अलावा उनका शौक पहाड़ों की सैर करना है। खाली समय में वे हिल स्टेशन्स को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं।
आने वाले समय में जाहिद कई बड़े टूर्नामेंटों में नज़र आएंगे। इनमें जानकी आनंदी, बिहार कप, BDCL और दिल्ली का चैंपियंस लीग टूर्नामेंट शामिल है। उनके समर्थक और प्रशंसक उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जाहिद अपनी आक्रामक बैटिंग और शानदार गेंदबाज़ी से इन टूर्नामेंटों में भी धमाल मचाएँगे।

भेरिहरवा गाँव का यह क्रिकेटर आज पूरे बिहार और दिल्ली में अपनी पहचान बना चुका है। जाहिद का सपना चाहे उन्होंने “टॉप सीक्रेट” बताया हो, लेकिन उनके खेल से यह साफ दिखता है कि वे बड़ी मंज़िल हासिल करना चाहते हैं। चाहे मैदान पर हेलीकॉप्टर शॉट हो या संकट की घड़ी में मैच जिताने वाली पारी – जाहिद परवेज़ हमेशा दर्शकों के दिलों में छा जाते हैं।
